Delhi Saty Niketan PG: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को भरभराकर गिरी बहुमंजिला इमारत ने राजधानी को झकझोर दिया। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए सोमवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। हादसे के बीच इमारत गिरने का CCTV फुटेज सामने आने से घटना की भयावहता और साफ हो गई है। कुछ सेकेंड में जमींदोज हुई पूरी इमारत CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि इमारत के पास एक व्यक्ति बैठा हुआ था। अचानक ऊपर से मलबा और धूल गिरने लगती है। खतरा भांपकर वह वहां से दूर भागता है और कुछ ही क्षण बाद पूरी इमारत भरभराकर नीचे आ जाती है। देखते ही देखते सड़क पर धूल का गुबार छा जाता है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल, NDRF और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश जारी रही। https://twitter.com/pradhyu78651514/status/2096820296452104530 PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत सत्य निकेतन की यह इमारत छात्रों के रहने के लिए PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे के बाद सामने आया कि घटना के वक्त इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इमारत की उम्र और निर्माण से जुड़े नियमों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों में इमारत के पुराने होने और निर्माण संबंधी अनियमितताओं की बात सामने आई है। मालिक के खिलाफ FIR दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई शुरू की है। हरिराम बंसल फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में दिल्ली-NCR के कई ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किए जाने की रिपोर्ट है। आसपास की इमारतों पर भी उठे सवाल हादसे के बाद सत्य निकेतन की दूसरी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के घेरे में आ गई है। इलाके में संचालित कुछ PG और हॉस्टलों में संकरे रास्ते, अव्यवस्थित बिजली के तार और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे हैं। प्रशासन अब आसपास की जर्जर इमारतों की स्थिति की भी जांच कर रहा है। दिल्ली सरकार ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए राहत और बचाव कार्य की निगरानी की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है। आसपास की असुरक्षित इमारतों को लेकर भी प्रशासन ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। MCD के नोटिस के बाद बढ़ी सख्ती हादसे के बाद नगर निगम ने आसपास की खतरनाक इमारतों पर भी कार्रवाई शुरू की है। बगल की एक इमारत को खाली कराने और उसे हटाने से जुड़ा नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी दूसरे हादसे को रोकने के लिए असुरक्षित ढांचों की जांच और कार्रवाई जरूरी है। जवाबदेही पर छात्र संगठनों के सवाल हादसे के बाद छात्र संगठनों ने भी सुरक्षा व्यवस्था और MCD की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। ABVP ने प्रदर्शन कर जवाबदेही तय करने और MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की। संगठन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में PG और हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल हो रही पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इमारत गिरने की असली वजह क्या थी और इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है। ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में बारिश का कहर! महिपालपुर से गुरुग्राम तक जलभराव, सड़कें बनीं तालाब